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रेफ्रिजरेंट्स
आसमान का छेद जिसने दुनिया को जोड़ा
1985 में वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका के ऊपर ओज़ोन परत में एक विशाल छेद देखा। इसकी वजह फ्रिज, एयरोसोल और एयर कंडीशनर में छिपी थी। देशों ने मिलकर CFCs को हटाया और ओज़ोन परत ठीक होने लगी - पर्यावरण की सबसे बड़ी जीतों में से एक। लेकिन उनकी जगह आए कई रेफ्रिजरेंट ताकतवर ग्रीनहाउस गैसें हैं। अब नई चुनौती है: दुनिया को ठंडा रखें, बिना ग्रह को गर्म किए।
(चित्रित गाइड जल्द ही आ रही है)
4.4कुल मिलाकर
इस समाधान की रेटिंग कैसी है
- प्रभाव5 / 5रेफ्रिजरेंट बदलने से CO₂ से हज़ारों गुना ज़्यादा गर्मी बढ़ाने वाली गैसें खत्म हो सकती हैं
- गति5 / 5इसे नए उपकरण से जल्दी बदला जा सकता है। सर्विसिंग के समय लीकेज ठीक हो जाते हैं।
- लागत3 / 5सुरक्षित गैसें, रिसाव की मरम्मत और सुरक्षित निपटान, इन सबकी लागत बढ़ती है।
- परिपक्वता5 / 5वैश्विक संधि पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं। वैकल्पिक रेफ्रिजरेंट बाज़ार में मौजूद हैं।
- प्रकृति4 / 5यह ओज़ोन परत की भी रक्षा करता है, जिससे लोगों, जानवरों और पौधों को फायदा होता है।


